श्रीमद् भागवत गीता श्लोक

Sanskrit shlokas on karma | कर्म पर संस्कृत में श्लोक

Sanskrit shlokas on karma | कर्म पर संस्कृत में श्लोक  यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत। अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम्॥ हिंदी अर्थ: हे भारत! जब-जब धर्म की हानि और अधर्म का उदय होता है, तब-तब मैं स्वयं को सृष्टि करता हूँ।  कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन। मा कर्मफलहेतुर्भूर्मा ते सङ्गोऽस्त्वकर्मणि॥ हिंदी अर्थ: तुम्हारा अधिकार कर्म करने में ही है, फलों […]