संस्कृत श्लोक

Women Empowerment Quotes in Hindi | नारी के सम्मान श्लोक 5

Women Empowerment Quotes in Hindi | नारी के सम्मान श्लोक

नारी के सम्मान और महिमा को व्यक्त करने वाले कई श्लोक हिन्दू धर्मग्रंथों में मिलते हैं। यहाँ कुछ प्रमुख श्लोक दिए जा रहे हैं:

महिला के प्रति सम्मान:

यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः।

यत्रैतास्तु न पूज्यन्ते सर्वास्तत्राफलाः क्रियाः॥

अर्थ: जहाँ नारियों का सम्मान होता है, वहाँ देवता निवास करते हैं; और जहाँ उनका सम्मान नहीं होता, वहाँ सभी कार्य निष्फल होते हैं।

नारी का स्थान:

कावेरी करुणा नर्मदा, गङ्गा गीता च गोदावरी।

धन्या देवी च तुलसी, सर्वेषां तु प्रिया नारी॥

अर्थ: कावेरी, करुणा, नर्मदा, गंगा, गीता, गोदावरी, धन्या देवी और तुलसी – ये सब पवित्र हैं, और इन सबमें नारी सबसे प्रिय है।

शक्ति रूपा नारी:

स्त्रीणां देवतासु रत्नेषु च, योषिद्रत्नं महत्सदा।

न स्त्रीणामधिकं किंचित्, पवित्रं जगति क्वचित्॥

अर्थ: स्त्रियों में देवताओं और रत्नों की उपमा दी जाती है। स्त्री रत्न महान है, और इस जगत में स्त्रियों से अधिक पवित्र कुछ नहीं है।

नारी की महिमा:

नारीणामास्ति संसारा, हर्त्रीणां हितमण्डला।

कान्तारं मोक्षधारिण्या, स्त्रीणामेवमहान्निधिः॥

अर्थ: नारी संसार की उत्पत्ति और पालन करने वाली है, वह हितों की दायिनी है। वह मोक्ष के मार्ग की धारण करने वाली है और स्त्रियों में महान निधि (धन) है।

कर्म पर संस्कृत में श्लोक

दुर्गा स्तुति:

या देवी सर्वभूतेषु मातृरूपेण संस्थिता।

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

अर्थ: जो देवी सभी प्राणियों में मातृरूप में स्थित हैं, उन देवी को नमस्कार, नमस्कार, बारंबार नमस्कार।

Pradhan Mantri Vishwakarma Yojana

Exit mobile version